सुखद व आनन्ददायक वातावरण
कई बार ऐसा होता है कि व्यस्तता और जीवन की एकरसता के कारण जीवन नीरस लगने लगता है । सवाल यह उठता है कि नीरसता को कैसे दूर करें? इस प्रश्न क उत्तर व्यक्तिगत रूचि पर निर्भर करता है ।
कोई भी प्रोग्राम बनाने से पहले यह सोचना जरूरी है कि आप कितना समय अपने व्यस्त जीवन से निकाल सकते हैं व कितना खर्च करने का विचार रखते हैं?
यदि आप के पास एक दिन का समय है व आप दिल्ली या एन.सी.आर. में रहते हैं तो उस दिन को यादगार बनाने के लिए आप सिलिसेढ़ (अलवर) के शांत एवं आकर्षक ‘लेक’ एवं ‘पैलेस’ घूमने, जा सकते हैं ।
‘लेक’ का शांत वातावरण, श्याम वर्ण जल, जो सूर्य की किरणों की चमक से रंग बदलता रहता है, जल मे पाई जने वाली विभिन्न रंगबिरंगी प्रजातियों की मछलियां व सब ओर घने वनों में चहचहाते पक्षी आप के मन में बस जाएंगे ।
आज राजस्थान पर्यटन विकास निगम ने इसे होटल लेक पैलेस, सिलिसेढ़ में परिवर्तित कर दिया है, जहां पर्यटन विभाग नाव चलती हैं तथा पर्यटक नाव की यात्रा का आनंद ले सकते हैं ।
यह एक अत्यंत खूबसूरत शांत एवं आकर्षक स्थान है । महाराज विनय सिंह ने यह महल व शिकार के लिए ठहरने का स्थान अपनी पत्नी शीला के लिए बनवाया था ।
अलवर से यह 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, इसे रूपरेल नदी के जल को रोककर बनाया गया है, इसके दोनों ओर 2 पहाड़ियां हैं, जिन पर बांध बनाया गया है ।
कैसे पहुंचे :
दिल्ली का हवाई अड्डा यहां से सब से नजदीक पड़ता है ।
रेल द्वारा :
शताब्दी एक्सप्रेस व सुपरफास्ट एक्सप्रेस द्वारा यहां पहुंचा जा सकता है ।
सड़क द्वारा :
यहां पहुंचने के लिए सब से सस्ती यात्रा का साधन बसें उपलब्ध हैं ।
क्या देखें :
यहां अरावली की पहाड़ियों के घने जंगलों में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां देखने को मिलती हैं एवं झील में अनेक प्रकार की मछलियों को देखकर पर्यटक आनंदित होते हैं ।
कब जाएं :
सिलिसेढ़ में जाने का सब से अच्छा समय सितंबर से फरवरी माह तक है ।
सिलिसेढ़ का होटल लेक पैलेस :
यह ‘होटल राजस्थान पर्यटन विकास निगम की देखरेख में चलता है ।
इस होटल में 12 कमरे हैं, जहां जीवन की सभी सुखसुविधाएं उपलब्ध होती हैं जैसे 24 घंटे ठंडे व गरम पानी की व्यवस्था, डाक्टरी सुविधा, रूमसर्विस और टीवी इत्यादि ।
कहां खाना खाएः :
होटल लेक पैलेस में अच्छा खाना मिल जाता है, जो खूब मसालेदार व स्वादिष्ठ होता है ।
इस प्रकार थोड़ी कोशिश हमारे जीवन की नीरसता व उदासी को दूर कर खुशियों से भर सकती है और यदि मन खुश हो तो जीवन जीने का अपना ही सुख और मजा है ।