आट्र्स साइंस, कॉमर्स सभी विषय अब एकसाथ चलेंगे
वह दिन दूर नहीं है जब बारहवीं या स्नातक स्तर पर छात्र भौतिकी, अर्थशास्त्र और संस्कृत जैसे विषय एक साथ पढेंगे । दरअसल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ग्यारहवीं-बारहवीं और स्नातक स्तर पर विज्ञान, मानविकी और वाणिज्य के विषय अपनाने की छूट देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है ।
मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल की एक और पहल के तहत इस संबंध में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव एस.सी खुटिया की अध्यक्षता में समिति गठित की गई । समिति छात्रों को उच्चतर माध्यमिक और स्नातक स्तर पर बहुपरक विषय लेने की इजाजत देने के संबंध में सुझाव देगी । समिति इस वर्ष सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी । इस मामले में गत 27 जनवरी को कुलपतियों और स्कूलों के प्राचार्यो की बैठक में भी चर्चा हुई थी ।
अधिकारियों के अनुसार, समिति विभिन्न बोर्डो के छात्रों के परीक्षाफलों की तुलना की प्रणाली के बारे में भी सुझाव देगी । यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि विभिन्न बोर्डो के मूल्यांकन एवं परीक्षा प्रणालियों में काफी विसंगतियां हैं । कहा जाता है कि विभिन्न राज्यों में समान अंक प्रतिशत हासिल करने वाले छात्रों का प्रतिस्पर्धात्मक स्तर आवश्यक रूप से एक सा नहीं होता है । समिति 11वीं एवं 12वीं स्तर पर मूल पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश परीक्षा जैसे विषयों पर भी गौर करेगी ।
फिलहाल सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड में 12वीं के छात्रों को साइंस, कॉमर्स, सामाजिक विज्ञान जैसे विषय एकसाथ पढ़ाए जा रहे हैं । राज्य माध्यमिक बोर्डों में यह व्यवस्था नहीं है ।