नगर निगम के हाउस मीटिंग मे केन्द्रीय मंत्री ने हिस्सा लिया
चंडीगढ़ । नगर निगम के इतिहास में पहली बार है जब पक्ष और विपक्ष के बीच ज्यादातर एजेंडों पर टकराव नहीं हुआ और 34 में से 31 एजेंडें शांति पूर्ण तरीके से पास कर दिए गए । बुधवार को हुई हाउस मीटिंग की खास बात यह रही कि मीटिंग में सांसद व केन्द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी शिरकत की । मीटिंग के दौरान पवन कुमार बंसल ने कहा कि शहर में और मंडियों में दिन प्रतिदिन गंदगी बढ़ती जा रही है और निगम के अधिकारियों को चाहिए कि शहर में गंदगी फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए और ऐसे लोगों को जो शहर में दिनों दिन बिगड़ी सफाई व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भले शहर को विभिन्न पुरूस्कारों से नवाजा जा रहा हो लेकिन शहर में प्रतिदिन बढ़ती गंदगी को देखते हुए अधिकारियों को इस ओर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना होगा । वहीं बैठक में बहुचर्चित शेड घोटाला मामले में फंसे कांग्रेसी पार्षद देवेन्द्र बबला की काफी लंबे समय के बाद हाउस मीटंग में हिस्सा लेने पहुंचे जहां उन्होंने खुलकर बोलते हुए शहर को मलबा फ्री बनाने पर जोर देते हुए निगम के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया । उन्होंने कहा कि शहर में मलबे की जिम्मेदारी कोई भी अधिकारी लेने को तैयार नही । सेक्टर-29 स्थित ट्रिब्यून कार्यालय के साथ लगती वी5 रोड पर 500 से ज्यादा ट्राली मलबे की गिराई गई लेकिन किसी अधिकारी ने इसे रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई । बैठक के शुरूआत में मनोनीत पार्षद ब्रिगेडियर चांदपुरी ने हाल ही में फायर ब्रिगेड द्वारा ड्राइवरों व फायरमेनों की नई भर्तियों पर सवाल उठाते हुए निगम के कमिश्नर पीके शर्मा से भारतीय सरकार द्वारा बनाए गए रूल के मुताबिक इन भर्तियों के सी और डी ग्रुप में 2% एक्स सर्विसमैन के तहत पदों को भरने के बारे में पूछा जिस पर पीके ने इन नियुक्तियों पर दोबारा विचार करने की बात कही । मीटिंग के दौरान शहर के विकास के लिए बनाए गए 34 एजेंडों पर चर्चा की गई जिनमें से करोड़ की लागत से होने वाले विकास कार्यो के 31 प्रस्तावों को हाउस ने मंजूरी दे दी । जबकि एजेंडा न. 27, 28 में निगम द्वारा एसडीओ की नई नियुक्तियों को लेकर निकाली गई नौकरियों पर कई पार्षदों ने आपत्ति जताई । वहीं केन्द्रीय मंत्री पवन बंसल से वहां मौजूद पार्षदों ने कहा कि पिछले काफी समय से जेई निगम में कार्यरत हैं । अधिकारियों को बदले एसडीओ की नई नियुक्तिओं की जगह इन जेई को प्रमोट कर देना चाहिए । इस पर मेयर अनुचतरथ ने इस एजेंडों द्वारा संशोधित कर अगली मीटिंग में रखने को कहा । जिससे वहाँ उपस्थित सभी पार्षदों ने अपनी मंजूरी दे दी ।
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चौथे दर्जे के कर्मचारियों की तरफ भी ध्यान दे निगम
जेई को प्रमोशन देकर एसडीओ बनाने की बात पर पार्षद हरफूल चंदर कल्याण ने मेयर को कहा कि निगम हमेशा से ही आधिकारियों को प्रमोशन देने की बात करता आया है लेकिन चौथे दर्जे सफाई कर्मचारी और मालियों की तरफ कोई ध्यान नहीं देता । यह चौथे दर्जे के कर्मचारी कई सालो से काम कर रहे हैं । प्रमोशन तो दूर की बात है इन्हें अभी तक रेगुलर तक नहीं किया गया है । पार्षद हरफूल चंदर कल्याण की इस बात का मीटिंग में मौजूद सभी पार्षदों ने समर्थन किया लेकिन मेयर अनुचतरथ ने कहा कि इन कर्मचारियों के बारे में अगली हाउस मीटिंग में विस्तार से चर्चा की जाएगी ।
कौन कौन से एजेंड हुए पास
- नगर निगम कार्यालय से सेक्टर 17 स्थित फायर स्टेशन की वी 4 सड़क पर 51 लाख रूपए से 40 एमएम थिक बिटुमिनस कंक्रीट सड़क का निर्माण किया जाएगा ।
-सेक्टर 49 में 248 लाख रूपए से ऐनिमल गार्डन बनाया जाएगा ।
-सेक्टर 39 और 40 की मार्केट में 40.79 लाख रूप से 40 एमएम थिक पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे ।
-सेक्टर 39 ए और 40.91 लाख रूपए से ग्रीन बेल्ट का निर्माण किया जाएगा ।
-सेक्टर 17 स्थित जिला अदालत, पुलिस स्टेशन और बस स्टैंड की वी 4 सड़क पर 77.90 लाख रूपए से 40 एमएम थिक बिटुमिनस कंक्रीट सड़क का निर्माण किया जाएगा ।
-सेक्टर 34 के पार्क मै 66.24 लाख रुपए से 60 एमएम थिक पेवर ब्लाक लगाए जाएंगे ।
-सेक्टर 9 सी की सड़क 48.66 लाख रूपए से वाइडनिंग और कारपेटिंग का काम किया जाएगा ।
- सेक्टर 34 के सड़क का 65.14 लाख रुपए से वाइडनिंग और कारपेटिंग का काम किया जाएगा ।
-सेक्टर 10 की वी 5 सड़क की वाइडनिंग और होटल माउंटव्यू से विज्ञान पथ तक पीसीसी टाइलें पर खर्च होंगे 55.14 लाख रूपए ।
-मल्टीलेवल पार्किग के निर्माण करने के लिए 41.51 लाख रूपए से वहां मौजूद बिजली की तारें हटाई जाएंगी ।
- मौली जागरां में 82.50 लाख रूपए से सड़कों की रिकारपेटिंग होगी और 60 एमएम थिक इंटरलोकिंग पेवर ब्लाक भी लगाए जाएंगे ।
- सेक्टर 15 की अपनी मंडी में 43.37 लाख रूपए से और 60 एमएम थिक इंटरलोकिंग पेवर ब्लाक लगाए जाएंगे साथ में डीएवी स्कूल के पास पार्किग स्थल का निर्माण भी होगा ।
-मनीमाजरा मोटर मार्केट में 50.21 लाख रूपए में सड़क की रिकारपेंटिग ।
-नगर निगम के एमओएच विंग के वाहनों के लिए इंडस्ट्रियल ऐरिया फेस १ में वाशिंग रैंप और पार्किग स्थल का 102 लाख रूपए से निर्माण किया जाएगा ।
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कालोनी वासियों के बनेंगे फैमिली कार्ड ः
अस्थाई कालोनियों में गरीबों का शौचालय सुविधा को मुफ्त करने की बात भी पार्षदों ने उठाई । इस पर सांसद पवन कुमार बुसल ने मेयर को सुझाव दिया कि शौचालय सुविधा को मुफ्त करने से अच्छा है कि गरीबों को कम रेट पर पास बना दिए जाएं ताकि शौचालयों का रखरखाव का खर्च आसानी से निकल सके । सनद रहे कि अभी गरीबों से एक बार शौचालय को इस्तेमाल करने के लिए २ रूपए देने पड़ते हैं । वहीं कई लोग पैसे बचाने के लिए खुले में ही शौच कर देते हैं जिससे शहर में गंदगी बढ़ने लगी है । बंसल ने कहा कि रोज रोज पैसे लेने से बेहतर है कि कम रेट पर परिवार के सभी सदस्यों को शौचालय इस्तेमाल करने के लिए पास दिए जाए ताकि शौचालयों का खुल कर इस्तेमल कर सके । मेयर ने इस प्रस्ताव को कालोनी के लोगों से विचार विर्मश करने के बाद अगली हाउस मीटिंग में इसको अप्रूव किए जाने की बात कही ।
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पानी की समस्या से संबंधी नही हैं अधिकारियों के पास कोई जवाब
नगर निगम शहर को पर्याप्त पानी आपूर्ति मुहैया कराने के चाहे जितने मर्जी दावे करता हो, परन्तु असल में उसके पास कजौली वाटर वर्क्स व कुल 204 टयूबवैलों से आने वाले पानी का सही रिकार्ड तक नहीं है और न ही उसके पास कजौली से आने वाले 80 एम.जी.डी. पानी को मापने के लिए कोई तरीका है । यह खुलासा आज यहां हुई निगम की हाउस मीटिंग में कांग्रेसी पार्षद चंद्रमुखी शर्मा ने किया । पानी के मुद्दे पर चंद्रमुखी ने जो भी प्रश्न निगम अधिकारियों से किए, उनका हर बार की तरह इस बार भी उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर अधिकारियों से नहीं मिल सका ।
मीटिंग के दौरान चंद्रमुखी ने निगम अधिकारियों से जानना चाहा कि जब कजौल वाटर वर्क्स से एम.जी.डी. व 204 ट्यूबवैलों से पानी की आपूर्ति हो रही है तो फिर पानी की समस्या शहर भर में क्यों है । उन्होंने आंकड़े दिखाते हुए कहा कि शहर में लगे टयूबवैलों से सामान्य रूप से 36 एम.जीडी. पानी आना चाहिए । जबकि निगम अधिकारियों के अनुसार इन टयूबैवलों से 22 एम.जीडी. ही आ रहा है । उन्होंने कहा कि आंकड़ों के हिसाब से 27 एम.जी.डी. पानी बर्बाद हो रहा है, इसका जिम्मेवार कौन है । उन्होंने कहा कि कजौली से आने वाले पानी पर कोई चैक नहीं है । उन्होंने जानना चाहा कि पानी चैक करने के उपकरण कहां-कहां लगे हैं । बैठक में उपस्थित सांसद व केंद्रीय जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल ने भी पानी की बर्बादी व इससे पानी की हो रही कमी पर गंभीरता जताते हुए कहा कि जब इतने टयूबवैल लगे हुए हुए हैं तो पानी की कमी किन कारणों से हो रही है । क्या यह टयूबवैल सही प्रकार से काम नहीं कर रहे हैं? पानी के मुद्दे पर बहस होती देख कांग्रेसी पार्षद दविंद्र सिंह बबला, जोकि जेल से छूटने के बाद पहली बार निगम बैठक में पहुंचे थे, ने कहा कि निगम ने टरशरी वाटर के पाइप लगभग सभी जगह बिछा दिए हैं, परन्तु इनसे किसी भी पार्क में पानी नहीं आ रहा, जिस कारण पार्क सूखने के कगार पर हैं । उन्होंने कहा कि इन पाइपों को बिछाने के लिए सड़कें तोड़ी गई, टयूबवैल बंद हो गए, करोड़ों रूपए लगाए गए और नतीजा कुछ नहीं निकला, इसका जिम्मेवार कौन है ।