अब कांग्रेस के बड़े धुरन्धर बिहार चुनाव घमासान की कमान संभालेंगे
- स.द. बिहार
कांग्रेस ने पार्टी के जमीनी स्तर के नेता एवं बड़े दिग्गजों को सीधे चुनाव में उतारने की तैयारी कर ली है क्योंकि कांग्रेस चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने की फिराक में है । इसके साथ पार्टी इस बार टिकट बंटवारे की प्रक्रिया में भी बदलाव करेगी ।
प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति इस बार एक सीट पर तीन नाम के पैनल के बजाय सिर्फ एक नाम पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) को मंजूरी के लिए भेजेगी । ताकि, दिल्ली में लॉबिग करने वालों के बजाय जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता को टिकट मिले । कार्यकर्ता शिकायत करते रहे हैं कि टिकट बंटवारे में दूसरी पार्टियों से आए नेताओं को ज्यादा तरजीह मिल जाती है । कांग्रेस रणनीतिकारों के मुताबिक, पार्टी सभी बड़े नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव में उतारने पर गंभीरता से विचार कर रही है । लोकसभा चुनाव में अभी चार साल का वक्त है । विधानसभा में हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना चाहते हैं, ऐसे में सांसद का चुनाव हारने वाले नेताओं को मैदान में उतारा जा सकता है । इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे नेताओं के नाम की भी फेहरिस्त तैयार की जा रही है ।
पार्टी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक जिला और क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट का आपस में मिलान किया जाएगा । अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अलग-अलग जिला और क्षेत्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं । सभी पर्यवेक्षक की रिपोर्ट के आधार पर उम्मीदवार तय किए जाएंगे । ताकि, टिकट बंटवारे में सिर्फ जीत का पैमाना बनाया जा सके ।