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Today : 07-02-2012 
samay darpan Narmada Creative Pvt. Ltd.

यथार्थ


राह का नहीं है अंत चलते रहेंगे हम!
दूर तक फैला अँधेरा नहीं होगा ज़रा भी कम!
टिमटिमाते दीप-से अहर्निश जलते रहेंगे हम!
साँसें मिली हैं मात्र गिनती की अचानक एक दिन


धड़कन हृदय की जायगी थम!
समझते-बूझते सब मृत्यु को छलते रहेंगे हम!
हर चरण पर मंज़िलें होती कहाँ हैं?
ज़िन्दगी में कंकड़ों के ढेर हैं मोती कहाँ हैं?


महेंद्रभटनागर


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