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Today : 18-05-2012 
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मंदिर जहां फूल नहीं पत्‍थर चढ़ा‌ए जाते हैं


अजब अनूठी सांस्‍कृतिक परंपरा‌ओं का धनी वागड अंचल अपने चमत्‍कारिक और विशिष्‍ट जनश्रुतियों वाले देवालयों के लि‌ए भी जाना जाता है। अपने गौरवमयी इतिहास के धनी अन्‍य देवालयों के साथ ही वागड अंचल के डूंगरपुर जिले में एक ऐसा भी मंदिर है जहां पर देवता को प्रसन्‍न करने के लि‌ए फूल नहीं अपितु पत्थर चढा‌ए जाते हैं। जिला मुख्‍यालय से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर सुन्‍दरपुर गांव के समीप स्थित है यह अनोखा मंदिर । सड़क किनारे सटा हु‌आ यह छोटा सा मंदिर देखने में जरूर छोटा है पर इससे जुड़ी अनोखी बात के लि‌ए यह बेहद चर्चित है । संभवतः देशभर में यह एकमात्र मंदिर होगा जहां देवता को पत्‍थर चढ़ा कर प्रसन्‍न करने के जतन कि‌ए जाते हैं। इन अनोखी बात के लि‌ए इलेक्‍ट्रॉनिक और प्रिन्‍ट मीडिया में भी यह मंदिर चर्चा में आया है ।

पत्‍थर चढ़ाने की परिपाटी के बारे में पूछने पर गांव वाले कुछ प्रामाणिक तथ्‍य तो नहीं दे पा‌ए अलबत्‍ता बताया कि एक-दूसरे को पत्‍थर चढ़ाते देखते-देखते अन्‍य लोगों ने भी उत्‍सुकतावश पत्‍थर चढ़ाना प्रारंभ किया और धीरे-धीरे एक परिपाटी सी बन ग‌ई है। काफी कुरेदने पर तथ्‍य पता चला कि किसी वक्‍त इसी स्‍थान पर दुर्घटना में किसी ट्रैक्‍टर चालक की मौत हो ग‌ई थी । चालक ट्रैक्‍टर में पत्‍थर भरकर ले जा रहा था । उसके परिजनों ने उसकी याद में छोटा सा मंदिर बनाया तो अन्‍य ट्रैक्‍टर चालकों ने दिवंगत आत्‍मा के क्रोध से बचने के लि‌ए यहां से गुजरते वक्‍त अपने ट्रैक्‍टर में भरे पत्‍थरों में से एक पत्‍थर दिवंगत की याद में चढ़ाना प्रारंभ किया और धीरे-धीरे यह परिपाटी चल पड़ी । आज स्थिति यह है कि छोटे से मंदिर के पीछे श्रद्धालु‌ओं द्वारा चढ़ा‌ए ग‌ए पत्‍थरों के दो ढेर पहाड़ जैसे दिखा‌ई पडते हैं। वास्‍तविकता जो कुछ भी हो परंतु जनश्रद्धा में चढ़ाया हु‌आ एक एक पत्‍थर यहां से गुजरने वाले हजारों लाखों लोगों की श्रद्धा‌ओं के पहाड़ रूप में इस स्‍थान विशिष्‍टता को उजागर जरूर करते हैं।

थोड़ा नजर नीचे भी डालें तो मंदिर और उसके पीछे श्रद्धालु‌ओं द्वारा चढ़ा‌ए ग‌ए पत्‍थरों के ढेर दिखा‌ई दे रहे हैं ।

- कमलेश शर्मा



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