जिन देशों में सत्संग नहीं, वहां ‘अराजकता’
जिस देश में सत्संग नहीं होता, वहां के लोगों में अराजकता फैलती है । सत-चित्त आनंद का प्रकाश जहां नहीं फैलता वहां पर काम, क्रोध, लोभ और आतंक की प्रवृत्ति पैदा होती है । यह विचार संत आसाराम बापू ने व्यक्त किए । बापू द्वारका (दिल्ली) सेक्टर 11 के मैदान में आयोजित प्रवचन मे बोल रहे थे । भगवान की महिमा का बखान करते हुए आसाराम बापू ने कहा कि भक्ति से चित्त शांत होता है । चातुर्मास में खान-पान का विशेष ध्यान रखने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि हो सके तो एक समय ही भोजन करें।
जागरूकता समारोह सम्पन्न
नई पीढ़ी को ईश्वरभक्त, देशभक्त, चरित्रवान एवं संस्कारवान बनाने के लक्ष्य को लेकर चल चल रहे आर्य समाज जागरूकता समारोह का आयोजन किया गया । अशोक नगर में स्वागत बैंकेट हॉल में आयोजित समारोह में चौ. डीएन सिंह ने कहा कि आज के युग की आवश्यकता आर्य समाज है । दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष योगानंद शास्त्री ने भी विचार रखें । रामस्वरूप शास्त्री ने यज्ञ कराया और आचार्य करणसिंह ने उपदेश दिए । समारोह में धर्मपाल आर्य, अनिल आर्य, बिनय आर्य, सहदेव सिंह बेधड़क आदि लोग उपस्थित हुए ।