वेलेंटाइन डे, इजहार-ए-इश्क का दिन
- धन्नु कुमार मिश्रा
एक बार फिर से 14 फरवरी का दिन आ चुका है, 14 फरवरी यानि की वेलेंटाईन डे । इस दिन का इंतजार हर प्यार करने वाले प्रेमियों को होता है, ये दिन हमें प्यार करना सिखलाता है । इस दिन हम अपने प्यार का इजहार, अपना हाल-ए-दिल अपने जाने तमन्ना, अपने जान-ए-जीगर अपने जान से भी अजीज को कहते हैं, सुनाते हैं । यह दिन खास इसलिए भी क्योंकि कोई भी प्यार करने वाला या वाली इस दिन किसी का हाल-ए-दिल सुनने से जल्दी इनकार नहीं कर सकता/सकती हैं । दिल तो चीज ही ऐसा है कि कभी ना कभी, किसी ना किसी पर तो आ ही जाता है और अपने दिल की बात कहने के लिए वेलेंटाईन डे से अच्छा मौका किसी और दिन नहीं मिल सकता ।
हर वो शख्स जिसके दिल के सागर में प्यार की संवेदनाओं, भावनाओं की हिलोरों मचती है, वो इस दिन का पलके बिछाकर इंतजार करता रहता है । अपने जान के आंखों के सागर में डुबने उतरने का प्रयास करता रहता है । वैसे तो यह पर्व पश्चिमी देशों का पर्व माना जाता है, इसके पीछे प्रेम के संत वेंलेटाईन की कहानी भी है । लेकिन अपने देश में भी इसको मनाने का प्रचलन बढ़ता ही चला जा रहा है । अब तो देश के युवा वर्ग इस दिन का इंतजार बड़ी बेसब्री से करते हैं ।
हर इंसान कभी ना कभी किसी ना किसी से प्यार तो करता ही है, लेकिन कोई कह पाता है, और कोई नहीं कह पाता । बीते समय में तो लोग किसी से प्यार करते थे तो उन्हें समझ नहीं आता था कब इजहार-ए-इश्क किया जाए, और इसी सोच-विचार में गाड़ी आगे को निकल जाती थी, लेकिन आज प्रेमियों के पास एक ऐसा दिन है जो उनको उनकी मंजिल तक आसानी से पहुँचा सकता है, और वो दिन है वेलेंटाईन डे ।
भारत में हम इसे कामदेव की पूजा का दिन भी मान सकते हैं, क्योंकि प्रेम के लिए जो इच्छाएं मनुष्य में जगती है उन इच्छाओं के स्वामी तो कामदेव ही है, इसलिए इस दिन को उनका दिन भी माना जा सकता है । तो अब जिन प्रेमियों ने अब तक अपने दिल की बात सीने में दफन कर रखी है उनको अब इस दिन बोलने के लिए तैयार हो जाना चाहिए । एक सूर्ख लाल गुलाब ही आपके इजहारे-ए-मुहब्बत के लिए काफी है, बस आपका अंदाज कितना निराला होता है, यह ध्यान रखने वाली बात होगी । तो फिर इंतजार किस बात का तैयार हो जाइये वेलेंटाईन डे सेलिब्रेशन के लिए ।