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Today : 07-02-2012 
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उनकी सुरक्षा जनता की मुसीबत?


कानपुर । उत्‍तर प्रदेश में कानपुर की एक महिला ने शिकायत की हैं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के चलते उसके आठ साल के बच्‍चे को अस्‍पताल ले जाने में हु‌ई देरी जानलेवा साबित हु‌ई । महिला ने पत्र लिख कर गुहार लगा‌ई है, कि आगे किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहि‌ए । उत्‍तर प्रदेश के एडीजी बृज लाल ने महिला के आरोप को गलत बताया है । प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले में को‌ई टिप्‍पणी करने से इंकार कर दिया है। तीन जुला‌ई की बात है । आठ साल का अमन खान कार में अपने माता-पिता के साथ था । घर पर एक हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आ‌ई थीं । उसे रीजेंसी अस्‍पताल ले जाया जा रहा था। पर आ‌ई‌आ‌ईटी में प्रधानमंत्री के दौरे की वजह से सड़क आम यात्रियों के लि‌ए बंद कर दी ग‌ई थी । अमन की मां का आरोप है कि उन्‍हें दूसरे रास्‍ते से अस्‍पताल जाना पड़ा । नतीजतन उन्‍हें अस्‍पताल पहुंचने में एक घंटा लग गया, जबकि वे पांच मिनट में पहुंच सकते थे। अमन की मां उषा शर्मा ने कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि वह सुनिश्चित करें कि दोबारा किसी के साथ ऐसा नहीं हो ।

श्रीमती शर्मा ने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने मेरे पति की गुहार पर जरा भी ध्‍यान नहीं दिया। मेरे बेटे के मुंह और नाक से लगातार खून निकल रहा था। इलाज के अभाव में कोकाकोला चौराहा पर ही मेरे इकलौते बेटे ने दम तोड़ दिया। उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री का जीवन पूरे देश के लि‌ए अतिमहत्वपूर्ण है, लेकिन किसी देशवासी का जीवन भी उसके परिवार के लि‌ए कम महत्वपूर्ण नहीं है। श्रीमती शर्मा ने पत्र में सोनिया गांधी से निवेदन किया है कि मेरा तो चमन लुट गया लेकिन वी‌आ‌ईपी सुरक्षा में फिर किसी का बेटा बलि नहीं चढ़े, किसी का सुहाग न उजड़े, इसलि‌ए वह पुलिस प्रशासन को निर्देश जारी करा‌एं कि वी‌आ‌ईपी दौरे के समय बीमार एवं इमरजेंसी स्थिति में किसी भी देशवासी को रोका न जा‌ए। पुलिस प्रशासन खुद अपनी गाड़ी से उसे अस्पताल पहुंचा‌ए, और ऐसी परिस्थितियों के लि‌ए वी‌आ‌ईपी की तरह ही जनता के लि‌ए भी एम्बुलेंस की व्यवस्था की जा‌ए। अमन की मां ऊषा शर्मा ने पत्र में प्रधानमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुप‌ए का मु‌आवजा मांगते हु‌ए कहा है कि इस पैसे को उनके परिवार का को‌ई सदस्य नहीं लेगा । वह इस धन राशि का प्रयोग अनाथ बच्चों व किसी प्रकार की घटना‌ओं से पीड़ित लोगों के कल्याण हेतु करेंगी ।

शर्मा ने ऐसा ही एक पत्र प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी भेजा है । इकलौते बेटे की मौत के बाद मां उषा शर्मा का बुरा हाल है, वह किसी से भी बात नहीं कर रही हैं । घर में मातम छाया हु‌आ है । मुहल्ले के और आस-पास के सभी लोग देश की कानून-व्यवस्था को कोस रहे हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा देखने वाले एसपीजी ने अमन की मौत पर अफसोस जाहिर किया है। साथ ही, यह भी कहा है कि बच्‍चे की मौत कार को डा‌इवर्ट कि‌ए जाने से काफी पहले हो चुकी थी। उत्‍तर प्रदेश के एडीजी बृजलाल ने भी कहा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात किसी भी अधिकारी के पास इस तरह की घटना की को‌ई सूचना नहीं है। प्रधानमंत्री के शहर प्रवास के दौरान 3 जुला‌ई को ओ‌ई‌एफ (आयुध उपस्कर निर्माणी) में कार्यरत 1134, रामपुरम - श्याम नगर निवासी ऊषा शर्मा का बेटा अमन (6) घर में खेलते समय गिर गया था । गिरने से उसके सिर पर गंभीर चोट लगी थी । परिजन उसे फौरन पास के डॉक्टर के यहां ले ग‌ए । अमन की हालत देखकर डॉक्टर ने उसे तत्काल रेजेन्सी हॉस्पिटल में भर्ती कराने का कहा । उसी दिन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को आ‌ई‌आ‌ईटी से मोतीझील स्थित लाजपत भवन एक समारोह में भाग लेने पहुंचना था । जिस कारण जीटी रोड का यातायात समय से काफी पहले रोक दिया गया था । उसी दौरान घायल अमन को लेकर उसके पिता और मुहल्ले के कुछ लोग रेजेन्सी अस्पताल को निकले । लेकिन जैसे ही वह लोग जरीब चौकी चौराहा पहुंचे वहां पी‌एम की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आगे जाने से रोक लिया ।

करीब आधे घंटे तक वहां खड़े रहने के कारण अमन के नाक से खून बहने लगा । इसके बाद जब वह वहां से बढ़े तो कोकाकोला चौराहा पर फिर पुलिस वालों ने उन्हे रोक लिया और समय से इलाज न हो पाने के कारण अमन की मौत हो ग‌ई। एक और मामला पिछले साल नवंबर में अंबाला के एक परिवार ने भी आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा में लगे अधिकारियों ने उन्‍हें चंडीगढ़ अस्‍पताल नहीं जाने दिया । उनका मरीज किडनी की बीमारी से पीडि़त था । उसे तत्‍काल डॉक्टरी मदद चाहि‌ए थी, पर प्रधानमंत्री का उस अस्‍पताल में एक कार्यक्रम था । इस वजह से उन्‍हें अस्‍पताल नहीं जाने दिया गया था । प्रधानमंत्री ने बाद में एक चिट्ठी लिख कर माफी मांगी थी और ऐसा दोबारा नहीं होने का भरोसा दिलाया था ।



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