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काले साए में मनरेगा
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को बने हुए पांच साल पूरे हो गए हैं । प्रारंभ में जब मनरेगा का गठन हुआ था तो हर जरूरतमंद को जिसे रोजगार की जरूरत थी उसे 100 दिन का रोजगार इस योजना के तहत दी जाने लगी । उचित मजदूरी और रोजगार मिलने के कारण गांवों के मजदूर इस योजना को सहर्ष स्वीकार करने लगे । मनरेगा के माध्यम से भी सरकार ने गांव के समूचे आर्थिक तंत्र को मजबूत करने की जुगत में लग गई । और सरकार ने ठान ली कि मनरेगा को देश के चारों
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केन्द्र सरकार ने दिखाई सख्ती
मनरेगा नहीं, धनरेगा कहिए जनाब !
मनरेगा का पंचवर्षीय अवलोकन
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अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य
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दुनिया के सबसे बड़े आतंकी का न्याय होना बाकी है
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आतंक का साम्राज्य अजर-अमर नहीं होता, उसका अंत होना तय है। अंतरराष्ट्रीय आतंक का पर्याय बन चुका ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान की सरजमीं पर अमेरिकी नौसेना कमांडो दस्ते के हाथों 2 मई को जिस तरह मारा गया, उससे तो यही जाहिर होता है। मुसोलिनी व हिटलर का दुखद अंत अब विश्व इतिहास का हिस्सा बन चुका है। हालांकि उनके आतंक का खौफ़ अभी भी दुनिया के ज़ेहन से मिटा नहीं है। और ओसामा तो अभी-अभी मरा है। जाहिर है उसका आतंक इतना जल्द मिटने वाला नहीं है। अमेरिका के खिलाफè ओसामा का 9/11 का इस्लामी जिहाद भी लोगों ने अचरज से देखा। आज उसकी मौत को भी लोग उसी अंदाज में देख रहे हैं। जिस अमेरिका को अपने विश्व व्यापार केंद्र पर बड़ा दंभ था, वह क्षण भर में ही ताश के घर की तरह धरती पर छितर गया और वह असहाय सा देखता रहा
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भारतीय कोच को लेकर हंगामा क्यों
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच की नियुक्ति को लेकर लोगों की दिलचस्पी से मैं आश्चर्यचकित हूं । भारतीय क्रिकेट में कोच का एक अपना मुकाम स्थापित हो गया है । हालांकि वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को चुनने के लिए बनी राष्ट्रीय चयनसमिति का हिस्सा नहीं होता । वह केवल चयनकर्ताओं से निवेदन कर सकता है और जरूरी नहीं है कि चयनकर्ता उनकी बात सुनें । ना ही भारतीय कोच से अपेक्षा की जाती है कि वह देश भर में घूमकर प्रतिभा तलाशे और राष्ट्रीम टीम के लिए सिफारिश करे । यह काम भी राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का है । भारतीय कोच की भूमिका बहुत कुछ ट्रेवलिंग कोच के जैसी है
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फिल्म /मनोरंजन
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कॉमेडी के मसीहा - चार्ली चैप्लिन
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वीरू के बेटे ने स्कूल से आते ही अपने पापा को बताया कि आज स्कूल में बहुत मजा आया । वीरू ने पूछा कि क्यूं आज पढ़ाई की जगह तुम्हें कोई कॉमेडी फिल्म दिखा दी जो इतना खुश हो रहे हो? वीरू के बेटे ने कहा कि कॉमेडी फिल्म तो नहीं दिखाई लेकिन हमारे टीचर ने आज कॉमेडी फिल्म के जन्मदाता चार्ली चैप्लिन के बारे में बहुत कुछ नई जानकारियां दी हैं । पापा क्या आप जा
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सूचना
समय दर्पण पत्रिका के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी बात रखने का सुनहरा अवसर समय
दर्पण इंटरनेट के इस युग में अपनी बात विश्वस्तर पर पहुँचाने हेतु हिंदी मासिक पत्रिका
व्यक्ति विशेष एवं संस्थाओं से अनुरोध करती है कि वे अपने बारे में विस्तृत जानकारी
व प्रकाशनयोग्य विषयवस्तु पर्याप्त सूबूत के साथ पत्र द्वारा या ईमेल के माध्यम से
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32436987 E-mail:samaydarpan@gmail.com, editor@samaydarpan.com
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घटना चक्र
कृषि भूमि का अमानवीय अधिग्रहण
जब गरीब को लगता है, उसके हिस्से की रोटी बड़ी-बड़ी गाड़ियों वाले ले जा रहे हैं । उनके छोटे-छोटे खेत हवेलियों के हवाले किये जा रहे हैं, तो ऐसा ज्वालामुखी फूटना लाज़मी है । ऐसी आग तभी धधकती है जब शांत स्वभाव वाले वर्ग को लगता है कि उसका तथा उसके परिवार के अस्तित्व पर ही प्रश्न चिन्ह लगने जा रहा है । किसानों के खेत औन-पौने दामों में छीन उन्हें झूठे आश्वासनों तथा अल्प मुआवजे की लम्बी कतार में खड़ा करने का प्रयास हो रहा है । यह बात तय है कि यह संघर्ष अचानक नहीं प्रारम्भ हुआ
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काव्य-सुधा
ऐसा लोग कहते हैं
मै उसके प्यार में पागल हूँ ऐसा लोग कहते हैं
मै उसकी आँख से घायल हूँ ऐसा लोग कहते है
वो कहता है मेरे चर्चे उसे बदनाम कर देंगे
मगर मै तो नहीं कहता हू ऐसा लोग कहते है
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विशेष |
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शिक्षा से रोजगार पाने तक लुटते बेरोजगार
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आज देश भर में नौकरी के नाम देश के बेरोजगारों को लूटे जाने का गोरखधंधा सरकारी, अर्द्धसरकारी निजी तौर पर तेजी से जारी है । इसका स्वरूप सरकारी अर्द्धसरकारी निजी तौर पर नौकरी के लिये निकाले गये विज्ञापनों के प्रारूप में देखा जा सकता है । जहां फार्म भरने की फीस कम से कम 500 रू. है । कहीं-कहीं यह फीस 1000 रू. तक भी है । इस दिशा में राजस्थान राज्य के विद्युत विभाग द्वारा कनिष्ठ अभियंता के लिये पूर्व में निकाले गये विज्ञापनों को देखा जा सकता है । जहां राजस्थान प्रदेश में विद्युत विभाग के वितरण एवं प्रसारण विभाग द्वारा कनिष्ठ अभियन्ता ग्रेड-१ के लिए जारी प्रेस विज्ञप्ति में सामान्य वर्ग के लिए फार्म के साथ 1000 रू. की मांग की गई है जबकि पूर्व में इस पद हेतु मात्र 75 रू. लिये जाने
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राशिफल जून- 2011 |
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मेष: मेष - जो पीछे छूटा उससे तभी तक का साथ था और जो साथ है उनसे अब नाता है । इस बात को समझते हुए जिन्दगी में कर्तव्यपरायण बनें । त्यौहारों एवं रीतियों के निर्वहन में आपका मन केन्द्रिति होगा । मासारम्भ में आपका मन थोड़ा व्यग्रता
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ज्योतिष |
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शेयर बाजार |
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जनवरी माह के प्रारम्भ से ही शेयर बाजार में कई आसारे जगेगी, लेकिन ये पूरा माह शेयर बाजार के लिये उतार-चढ़ाव का हो सकता है । विशेषकर दूसरा सप्ताह एवंम् तीसरा सप्ताह शेयर बाजार के लिये काफी अच्छा होगा ।इस समय में सेंसेक्स में काफी बढ़त दिखाई देगी, लेकिन प्रारम्भ में व माह के अंत में शेयर बाजार में सेंसेक्स में गिरावट दर्ज की जायेगी । विशेषकर इस माह में रियल स्टेट, इस्पात जगत, कपड़े, खाद्य सामग्री
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बड़ी खबर
काले साए में मनरेगा
मनरेगा का पंचवर्षीय अवलोकन
ओसामा की मौत से पाकिस्तान की साख दागदार
देश की जनता ने महंगाई बढ़ाने का पट्टा नहीं दे दिया !
देश में बढ़ता आरक्षण का संक्रामक रोग
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क्रिकेट |
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देश की जनता ने महंगाई बढ़ाने का पट्टा नहीं दे दिया !
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जैसे ही देश में सम्पन्न हुए पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव के परिणाम सामने आये जिसमें केन्द्र की संप्रग सरकार से जुड़े मुख्य राजनीतिक दल कांग्रेस एवं उसके गठबंधन दल तृणमूल कांग्रेस की स्थिति बेहतर नज़र आई । पेट्रोल के भाव में तत्काल वृद्धि के नजारे देश की जनता के समक्ष उभर आये, साथ ही डीजल के भाव भी बढ़ने के आसार नज़र आने लगे हैं । हो सकता है और सामानों के भाव भी बढ़ें । जब तक इन राज्यों के चुनाव नहीं सम्पन्न हुए थे, तब तक केन्द्र सरकार भाव में किसी तरह की वृद्धि नहीं करना
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सानिया का प्यार अंधा ही नहीं..
जून 2010 में बिग बी के आंगन.
नेता बनाम राजनेता
नक्सलवाद समस्या या विकल्प
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अत्याचार अब और नहीं !
45 साल पहले की बात है । मैं गाँव से पहली बार एक छोटे शहर में आया था । इस शहर में पानी की उस वक्त काफी किल्लत थी । लोग कुएँ को जालीनुमा ढक्कन में ताले लगाकर रखते थे, ताकि कुएँ से कोई पानी न निकाल पाए
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सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा -2011 के नए प्रारूप
संघ लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की प्रारंभिक परीक्षा अब नए प्रारूप के अनुसार होगी । इस नए प्रारूप में प्रारंभिक परीक्षा में जो वैकल्पिक विषय होते थे, उनके जगह पर सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट ( CSAT) का प्रश्न-पत्र शामिल कर दिया गया है, जबकि सामान्य अध्ययन का प्रश्न-पत्र पुराने प्रारूप पर ही आधारित होगा । गौरतलब है, कि पिछले कुछ समय से इस मुद्दे पर
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