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Today : 20-06-2013 
samay darpan Narmada Creative Pvt. Ltd.

‘खेलें हम जी जान से’

- रौशन यादव
यूं तो भारतीय इतिहास के पन्‍नों में कई वीर शहीदों के नाम दर्ज हैं, जिनमें से कई शहीदों के ऊपर फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन कई ऐसे भी शहीद हैं, जिनके नाम इतिहास के पन्‍ने में दर्ज तो हैं, लेकिन इन शहीदों के बारे में कुछ इतिहासकारों को ही मालूम है । आशुतोष गोवारीकर ने ‘लगान’ एवं स्वदेश के बाद फिर से एक बार बड़ी हिम्मत के साथ इतिहास के पन्‍नों में दफन शहीदों की कुर्बानी को ‘खेले ंहम जी जान से’ नाम की फिल्म बनाने का ज़ज्बा दिखाया है । फिल्म की कहानी की आधार ‘चिटगाँव’ हैं (जो अब बंग्लादेश में पड़ता है) के शहीदों पर आधारित है ।

सन्‌ १९२९ में महात्मा गांधी ने भारत के युवाओं से अपील की थी कि हिंसा के बल पर आजादी ठीक नही हैं, उन्होंने कहा था कि हम एक वर्ष में भारत को अहिंसा को शस्त्र बनाकर आजादी हासिल कर लेंगे । लेकिन जब १ वर्ष पूरा हो गया और आजादी नहीं मिली तो ‘चिटगाँव’ के ६५ युवा ने अपने ‘फुटबॉल मैदान’ को अंग्रेजों से बचाने के लिए विद्रोह कर अहिंसा को अपना लिया । इस फिल्म की कहानी भी इसी विद्रोह के बाद हुए शहीदों पर आधारित है । अभिषेक बच्चन और दीपिका पादुकोण ने विद्रोही युवा की भूमिका निभाई है । अब तो फिल्म के प्रदर्शन के बाद ही मालूम होगा कि दर्शक इस फिल्म को कितना पसंद करते हैं ।



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